शहरों में आम तौर पर चुनावों को लेकर कोई ख़ास उत्साह नहीं दिखता और ना ही वोट देने को लेकर कोई संघर्ष करना पड़ता है. लेकिन देश के कुछ हिस्से हैं, जहां वोट डालना कोई जंग जीतने से कम नहीं है. बीबीसी टीम पहुंची मुरार गांव, जो राजस्थान के बाड़मेर पर बसा सबसे आख़िर गांव है. यहां से पाकिस्तान सिर्फ़ दो किलोमीटर दूर रह जाता है. वोट डालना आसान नहीं है, क्योंकि यहां लोग 10-12 किलोमीटर दूर पैदल चलकर वोट डालने पहुंचे हैं.
वीडियो: प्रियंका दुबे/प्रीतम रॉय

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45 COMMENTS

  1. कांग्रेस के घोषणापत्र में केवल यही लिखना रह गया कि
    हाफिज सईद और मसूद अजहर को भारत रत्न भी देंगे।
    😡😡😡

  2. थेह कल्ला पाकिस्तान बोर्डेर से सिर्फ़ ५० मेट्रेस पर है।
    तहसील पट्टी ज़िल्ला टर्न तारण पंजाब का गाँव है।

  3. Muslims India के constitution की जान है इन्होने सिखाया है कि लोकतंत्र क्या होता है लेकिन अफसोस इसके बदले देशद्रोह की माला पहनाते है कथित भक्त जो कभी वोट ही नही देते

  4. Jo ek taraf mumbai me poling booth par dekoration ke saath wotaro ke liye coldrink bhi rakhte ha or dusri taraf yanha jasalmer me hindustaan ke is akhri booth par ek paani ke botal kabhi intezaam nahi ha. Ye ha mere desh ka chunaw ayog to mere desh ki sakaar kasi hogi

  5. Fact : People here are not much concerned about Nationalism because they or their ancestors have seen enough of wars. For one day at least these people feel empowered, feel they also matter. They must.

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