;

Delhi Police के हज़ारों जवान Advocates के ख़िलाफ़ Protest में सड़कों पर उतरे(BBC Hindi)

0 views
0%

दिल्ली की तीस हज़ारी कोर्ट परिसर के बाहर शनिवार को पुलिस और वकीलों के बीच हुई हिंसा का मामला बढ़ता जा रहा है. मंगलवार की सुबह से ही आईटीओ स्थित दिल्ली पुलिस हेडक्वार्टर के बाहर भारी संख्या में पुलिस के जवान विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.
#DelhiPolice #India #Advocates

ऐसे ही और दिलचस्प वीडियो देखने के लिए चैनल सब्सक्राइब ज़रूर करें-
https://www.youtube.com/channel/UCN7B-QD0Qgn2boVH5Q0pOWg?disable_polymer=true

बीबीसी हिंदी से आप इन सोशल मीडिया चैनल्स पर भी जुड़ सकते हैं-

फ़ेसबुक- https://www.facebook.com/BBCnewsHindi
ट्विटर- https://twitter.com/BBCHindi
इंस्टाग्राम- https://www.instagram.com/bbchindi/

बीबीसी हिंदी का एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें- https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi

source

From:
Date: November 11, 2019

45 thoughts on “Delhi Police के हज़ारों जवान Advocates के ख़िलाफ़ Protest में सड़कों पर उतरे(BBC Hindi)

  1. Jb 1 wakil ko 50 se bh jada police wale mar rahe th janwar ki tarah ghaseet kar thane me bnd kr diya tb b.c media kha gayi th police ke bare me har insan janat h ki unka saluk kesa h aam admi ke sath…

  2. पुलिस विभाग को भट्टे मे छोक देना चाहिए । यह कभी किसी गरीब के दर्द नहीं समझते और जो संविधान मे जितनी धारा होती है। वो सब धारा गरीबों के सर पे लगा देते है। यह वर्दी वाले हाथ बात बात पे गरीबों के गर्दन पे होते है। आज हाथ फैला रहे है।

  3. #वकील_अधिवक्ता_एडवोकेट इन शब्दों को पढ़ते ही आपको काली कोट की याद जेहन में तुरंत ताजी हो जाएगी। वही जिसे आप आजकल पानी पी-पीकर कोसने में लगें हैं। वही जिसे आप और आपको गुमराह करने का ठेका लिए हुए न्यूज चैनल गुंडा बदमाश बता रहे हैं। कुछ का वश चले तो पृथ्वी को अधिवक्ता विहीन ही कर दें। यह सब चल क्यों रहा यह काली कोट वाले अचानक इतने बड़े अपराधी माफिया डाकू रातों-रात हुए कैसे? तो हुआ यूं कि तीस हजारी कोर्ट में अधिवक्ता बंधुओं और पुलिस के बीच में कुछ कारणों से विवाद हुआ।(कारण पर बात बाद में) बात बढ़ी हाथापाई हुई। फिर घटनाक्रम चलता रहा और कल पुलिस वाले भी दिल्ली में धरने पर आ गये थे। और फिर क्या था समाज के दुश्मन अधिवक्ताओं के दुश्मन बताई जा रही पुलिस से समाज ने दुश्मन का दुश्मन दोस्त होता है वाला फार्मूला लगाया और भावनाओं की महानदी एकदम कपार पर बहने लगी। क्योंकि अधिवक्ता जो कि हर किसी से सिर्फ मां बहन के कर्ण प्रिय संबोधन से ही बात करते हैं। क्योंकि अधिवक्ता ही ट्रको से हर चौराहे वसूली करते हैं। यही अधिवक्ता ही राक्षस रूप धारण कर आंदोलनों को अपनी काली कोट से मार मारकर लहूलुहान करते हैं।यही अधिवक्ता ही गांजा और कच्ची शराब अपने चैंबर्स से बिकवाते हैं ।यही अधिवक्ता ही हैं जो दुकानों से महीना वसूलते हैं।यही हैं जो एक मोबाइल चोर के पास से एक फोन बरामद करते हैं सैकड़ों फोन बरामदी बताते हैं फिर डिलींग करते हैं। यही अधिवक्ता ही अपने क्षेत्र की दारू की दुकानों से फ्री का सुरापान करते हैं। अधिवक्ता ही अपने रौब से दीवाली में पटाखा वसूलते हैं। यही अधिवक्ता ही ढ़ाबो पर रौब दिखाकर हाफ रेट से कम पर खाना खाते हैं। यह अधिवक्ता ही हैं जो फर्जी धाराएं थोपते हैं। यह अधिवक्ता ही हैं जिन्हें देखते ही आपका मन गदगदा जाता है। और करूं गुणगान की पेट भरा आपका। भूल गए थानों पर टैंपो से लगाए ट्रक पकड़े जाने पर अधिवक्ताओं की आपको बचाने की भूमिका। भूल रहे हैं क्या स्वतंत्रता से लगाए आजतक के आंदोलनों में अधिवक्ताओं की भूमिका। भूल रहे हैं आपको पुलिसिया रौब से बचाने की अधिवक्ताओं की कर्तव्यपरायणता। भूल रहे हैं आपके हितों से छेड़छाड़ होने पर अधिवक्ताओं की भूमिका। कुछ समझे या और याद दिलाऊं। कल से यह जो प्रोजेक्टेड गेम के अंग बने हैं ना आप यह आपको समझाने के लिए है पोस्ट ना कि किसी कार्पोरेट समाचार वाचक और ना ही किसी बेशर्मी से लबरेज सरकार को। समझाने की कोशिश है तो बस आपको। क्योंकि देख रहा हूं कल से ही नालीयों का कमीशन खाने वाले नेता भी अधिवक्ताओं को कोसने में लगे हैं। सौभाग्य प्राप्त करने वाले समर्थकों का क्या वो तो और ही गुणगान कर रहे जैसे अधिवक्ताओं के चैंबर में ताइक्वांडो की प्रैक्टिस ही चलती हो। हमारी कोई पुलिस से दुश्मनी नहीं है मगर जिस तरह से सोशल मीडिया और मिडिया तृतीय विश्व युद्ध लड़ रहा था अधिवक्ताओं के खिलाफ तो सोचा जरा प्रात: स्मरणीय पुलिस से भी आपका परिचय करा दूं।
    कोई बात नहीं आप लोग भावनाओं की ज्वार भाटा में खूब #I_STAND_WITH फलाने ढ़ेकाने कहिए करिए लेकिन सुनिए इस प्रोजेक्टेड विरोध का अनजाने में ऐसा हिस्सा ना बन जाइएगा की कल को आपको न्याय की जरूरत पड़े तो कोई कानूनी रूप से आपके साथ #STAND करने वाला न मिले।
    और अंतिम में अधिवक्ता बंधुओं बस इतना ही आपके लिए कि
    #संघे_शक्ति_कलयुगे

    #Copied

  4. Ye police wale hamesha kisi na kisi ko satate rehte hain corruption karte hain akhir koi kab tak sahega.tali ek haath se nahi bajti police wale kisi ko bhi marte hain. Police samjhane honi chahiye ki respect wardi ki hoti hai,wardi ke andar choron aur gundo ki nahi

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *